पुष्पक विमान प्राचीन काल में उन्नत भारतीय प्रौद्योगिकी का उदाहरण हैं।

 त्रेता युग में यह लंकापति रावण के पास था।

  पौराणिक आख्यान के अनुरूप रावण ने यह विमान कुबेर जी से प्राप्त किया था। यह विमान अग्नि और वायु की समन्वय ऊर्जा से चलता था।

   इसी विमान से रावण ने माता सीता का अपहरण किया था।

  रावण वध के बाद भगवान श्री राम माता सीता के साथ इसी पुष्पक विमान से अयोध्या वापस लौटे थे।

   रावण वध के बाद भगवान राम इसके एक बार प्रयोग के बाद इस विमान के मूल स्वामी कुबेर को यह विमान लौटा दिया था।